छात्रों के लिए हिंदी हास्य कविता।

Hindi Hasya Kavita For Students

छात्रों के लिए हिंदी हास्य कविता     



'बेवफ़ा हूँ' ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

दोस्तों कॉलेज की ज़िन्दगी का सफ़र आप सब में से किसी ना किसी ने किया ज़रूर होगा और ये पाया होगा की जो मज़ा या मस्ती कॉलेज की ज़िन्दगी में है या था वो और कहीं नहीं मिलता। दोस्तों के साथ घूमना, क्लास ना लगाकर बाहर सिनेमा देखने जाना, गर्ल - फ्रेंड को घुमाने लेके जाना, दो - दो गर्ल - फ्रेंड रखना और फ़िर पकड़े जाना, दोस्तों की ख़ातिर लड़ना। ये सब कॉलेज के दिनों में ही ज़्यादा होता है। आज की हमारी कविता कॉलेज की ज़िन्दगी के ऊपर है और अगर इस कविता में जो लिखा है वो आपके साथ भी हो रहा है तो हमें कमेंट सेक्शन में ज़रूर बताएं। आईये दोस्तों आज की इस कविता का लुत्फ़ उठाते है। 


Hindi Hasya Kavita For Students

छात्रों के लिए हिंदी हास्य कविता

कॉलेज के ये सुनहरी पल

कॉलेज के ये सुनहरी पल,

नहीं रहेंगे यारों कल,

दिन भर मस्ती दिन भर ख़ाना,

क्लास रूम के बाहर चिल्लाना,

ग्रुप चैट करते हुए लड़ना,

इक दूजे को आँख दिखाना,

सावन आकर चला जायेगा,

पतझड़ में पत्ते झड़ जायेंगे,

कितनी अजीब बात है यारों,

इक दिन हम बिछड़ जायेंगे।

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ट्रीट पे किसी ने हो बुलाया,

पीज़ा, बर्गर हो मंगवाया,

बिल देने के वक़्त वो बोले,

पर्स भूल मैं घर पे आया,

गुस्से भरी निगाहों से फ़िर,

अपना दोस्त ही लगे पराया,

फ़िर भी ऐसे दोस्त की ख़ातिर,

किसी से भी हम लड़ जायेंगे,

कितनी अजीब बात है यारों,

इक दिन हम बिछड़ जायेंगे।

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उलटे - सीधे रखना नाम,

सारा दिन ना कोई काम,

किसी का बिल्ली कोई चुड़ैल,

कॉलेज सबका तीर्थ - धाम,

मस्ती - मस्ती में फ़िर झगड़ा,

ग़लत - मलत लगते इल्ज़ाम,

आगे चल जब शादी होगी,

सारे काम बिगड़ जायेंगे,

कितनी अजीब बात है यारों,

इक दिन हम बिछड़ जायेंगे।

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डिग्री पूरी करके यार,

कम ना होगा अपना प्यार,

मिलते - जुलते भी रहेंगे,

जैसा भी हो कारोबार,

एक आवाज़ पे आ जायेंगे,.

जब भी लोगे हमें पुकार,

देखना हम मोहब्बत वाली,

सब किताबें पढ़ जायेंगे,

कितनी अजीब बात है यारों,

इक दिन हम बिछड़ जायेंगे।

Hindi Hasya Kavita For Students

छात्रों के लिए हिंदी हास्य कविता



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